जिला निगरानी समितियों को सक्रिय करते हुए सदस्यों एवं संपर्क नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार,अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रशिक्षण तथा वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए मानक योजना तैयार करने के निर्देश
जिला निगरानी समितियों को सक्रिय करते हुए सदस्यों एवं संपर्क नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार,अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रशिक्षण तथा वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए मानक योजना तैयार करने के निर्देश
सभी जिलाधिकारियों को तीन दिन के भीतर सरकारी भवनों एवं परिसरों से जलजमाव समाप्त कराने, ग्राम पंचायतों एवं शहरी क्षेत्रों में नालियों की सफाई तथा मलिन बस्तियों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश
डेंगू की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाने, प्लेटलेट्स-दवाओं एवं ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बुखार जांच केंद्र स्थापित कर उन्हें निःशुल्क दूरभाष सेवा से जोड़ने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों के विनष्टीकरण की मानक योजना तैयार करने के निर्देश
सहारा सन्देश टाइम्स
प्रयागराज। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में आज वेक्टर जनित रोगों, विशेष रूप से डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के दृष्टिगत प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर एवं प्रतापगढ़ के जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपदवार रोगों की स्थिति, पिछले वर्ष की तुलना में मामलों की स्थिति, निगरानी व्यवस्था, जांच एवं उपचार क्षमता तथा आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई।
मंडलायुक्त ने जिला निगरानी समितियों की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि गठित समितियों के सदस्यों, उनके दायित्वों एवं संपर्क दूरभाष नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर आमजन संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर सकें। उन्होंने समितियों से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विशेषज्ञों का उनके दायित्वों के अनुरूप प्रशिक्षण कराने तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से शामिल होकर मार्गदर्शन एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि तीन दिन के भीतर सभी सरकारी भवनों एवं परिसरों में जलजमाव और मच्छरों के प्रजनन की संभावनाएं समाप्त की जाएं। बेसिक शिक्षा विभाग, सरकारी विद्यालयों, लोक निर्माण विभाग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सहित सभी सरकारी कार्यालयों में विशेष निरीक्षण कर संबंधित विभागों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधानों एवं खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से खुले में जमा पानी, नालियों एवं नालों की सफाई तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए। अवरुद्ध नालियों की सफाई कर पानी का प्रवाह सुचारु रखने तथा जलजमाव वाले स्थानों को तत्काल समाप्त कराने को कहा गया। प्रयागराज में नगर आयुक्त को शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा अवरुद्ध नालियों एवं नालों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
मलिन बस्तियों एवं उनके आसपास विशेष ध्यान देते हुए जलजमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर तत्काल समाप्त कराने तथा नियमित मच्छर नियंत्रण गतिविधियां संचालित कराने को कहा गया। नगर आयुक्त को इन क्षेत्रों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित कर जैव नियंत्रण विधियों, मच्छरों के प्रजनन को रोकने तथा बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। लोगों को मच्छरदानी के प्रयोग, शरीर को ढककर रखने, घर एवं आसपास स्वच्छता रखने तथा गमले, पुराने टायर, बाल्टी, कूलर की टंकी आदि में पानी जमा न होने देने के प्रति जागरूक किया जाए। बुखार अथवा डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए भी प्रेरित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी ग्राम प्रधानों के माध्यम से ऐसे जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
मंडलायुक्त ने प्रयोगशालाओं की जांच क्षमता एवं आकस्मिक तैयारियों की जनपदवार समीक्षा की। अचानक डेंगू के मामले बढ़ने पर सरकारी प्रयोगशालाओं की क्षमता तथा अतिरिक्त आवश्यकता होने पर निजी अस्पतालों एवं प्रयोगशालाओं की सेवाएं लेने की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने सरकारी एवं निजी जांच सुविधाओं की क्षमता का पूर्व आकलन कर उन्हें आवश्यकता के अनुरूप तैयार रखने तथा आवश्यकतानुसार प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने डेंगू की जांच के लिए होने वाली एलिसा जांच की उपलब्धता एवं क्षमता की भी समीक्षा की। आवश्यक एलिसा उपकरण एवं जांच सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा संबंधित कर्मचारियों एवं विशेषज्ञों का प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जांच प्रक्रिया का स्वयं प्रदर्शन कर सभी संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए।
मंडलायुक्त ने प्लेटलेट्स, आवश्यक दवाओं एवं ओआरएस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनपदवार उपलब्धता एवं भंडार का आकलन कर जहां आवश्यकता हो वहां क्षमता एवं स्टॉक बढ़ाया जाए, ताकि आकस्मिक स्थिति में उपचार व्यवस्था प्रभावित न हो।
उन्होंने सभी जनपदों में बुखार जांच केंद्र स्थापित कर उन्हें संबंधित निःशुल्क दूरभाष सेवा से जोड़ने तथा इनके संपर्क नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए पृथक वार्ड एवं आवश्यक उपचार व्यवस्थाएं भी पहले से सुनिश्चित करने को कहा।
मंडलायुक्त ने मच्छरों के प्रजनन स्थलों के विनष्टीकरण के लिए मानक योजना तैयार कर उसके अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नियमित फॉगिंग, लार्वा रोधी छिड़काव एवं अन्य मच्छर नियंत्रण गतिविधियां प्रभावी रूप से संचालित की जाएं। फॉगिंग वाहनों के माध्यम से ध्वनि एवं जागरूकता संदेश प्रसारित कर लोगों को जलजमाव रोकने, मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करने, व्यक्तिगत सुरक्षा अपनाने, पर्याप्त मात्रा में पानी एवं अन्य तरल पदार्थ लेने तथा लक्षण दिखाई देने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लेने के प्रति जागरूक किया जाए।
मंडलायुक्त ने कहा कि वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों, ग्राम पंचायतों एवं आमजन की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को नियमित समीक्षा करते हुए रोकथाम, निगरानी, जांच, उपचार एवं जन-जागरूकता की व्यवस्थाएं प्रभावी रखने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी तैयारियां पूर्व से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



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