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सेंट जोसेफ कॉलेज में धूमधाम से मनाया गया वार्षिक हिंदी दिवस समारोह ‘रजनीगंधा’

सेंट जोसेफ कॉलेज में धूमधाम से मनाया गया वार्षिक हिंदी दिवस समारोह ‘रजनीगंधा’

महादेवी वर्मा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित रहा कार्यक्रम, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के विजेता हुए सम्मानित

सहारा सन्देश टाइम्स

प्रयागराज । सेंट जोसेफ कॉलेज, प्रयागराज की हिंदी समिति की ओर से शनिवार को कॉलेज के होगन हॉल में वार्षिक हिंदी दिवस समारोह ‘रजनीगंधा’ हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस वर्ष का कार्यक्रम छायावाद की प्रमुख कवयित्री महादेवी वर्मा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित रहा। समारोह की मुख्य अतिथि सीएमपी कॉलेज के हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सरोज सिंह रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति रुचि जागृत करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर सरोज सिंह, कॉलेज के प्राचार्य फादर वाल्टर डी. सिल्वा, कॉलेज संयोजक ज्योति दुबे, हिंदी समिति के सभापति डॉ. मनोज कुमार सिंह, हिंदी अध्यापक डॉ. राघवेंद्र द्विवेदी तथा हिंदी समिति के अध्यक्ष रूद्र सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद सौभाग्य नायक के निर्देशन में कॉलेज क्वायर ने सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की प्रसिद्ध प्रार्थना ‘वर दे, वीणावादिनी वर दे’ प्रस्तुत कर मां सरस्वती का स्मरण किया। प्राचार्य ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया, जबकि कॉलेज क्वायर ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

हिंदी समिति के सभापति डॉ. मनोज कुमार सिंह ने ‘रजनीगंधा’ कार्यक्रम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए विषय का प्रतिपादन किया और मुख्य अतिथि का परिचय दिया। इसके बाद सादान खान ने महादेवी वर्मा के व्यक्तित्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कॉलेज क्वायर ने कबीर, रहीम और वृंद के दोहों का सस्वर गायन किया। हिंदी समिति के महासचिव शाद अहमद ने महादेवी वर्मा की चर्चित कविता ‘जाग तुझको दूर जाना है’ का प्रभावशाली पाठ किया। वहीं, हिंदी समिति के उपाध्यक्ष यथार्थ श्रीवास्तव ने महादेवी वर्मा के साहित्यिक योगदान और कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर सरोज सिंह ने अपने विस्तृत संबोधन में महादेवी वर्मा के साहित्यिक अवदान का गहन मूल्यांकन किया और हिंदी साहित्य में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। प्राचार्य फादर वाल्टर डी. सिल्वा ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि उन्हें अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी भाषा में भी दक्षता हासिल करनी चाहिए।
समारोह के दौरान कक्षा नौ और दस की भाषण प्रतियोगिता तथा कक्षा 11 और 12 की वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर सरोज सिंह को प्राचार्य द्वारा शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिताओं के विजेता हुए सम्मानित
कक्षा नौ की भाषण प्रतियोगिता में श्रीहम शुक्ला (9-C) ने प्रथम, अरमान मेंहदी (9-E) ने द्वितीय और मंत्रम अग्रवाल (9-C) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा दस की भाषण प्रतियोगिता में अरॉन अंश रॉय (10-D) प्रथम, अद्वित राजा राम (10-B) द्वितीय और मो. अली हैदर (10-D) तृतीय स्थान पर रहे।
कक्षा 11 और 12 की वाद-विवाद प्रतियोगिता में पक्ष के सर्वश्रेष्ठ वक्ता के रूप में प्रजीत श्रीवास्तव (11-A) और सारांश जॉन (12-D) को सम्मानित किया गया। विपक्ष के सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार यथार्थ श्रीवास्तव (11-C) को मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ प्रश्नकर्ता का सम्मान सारांश जॉन (12-D) को प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन हिंदी समिति के अध्यक्ष रूद्र सिंह और संगठन सचिव देब चटर्जी ने किया। अंत में हिंदी अध्यापक डॉ. राघवेंद्र द्विवेदी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन उपस्थित विद्यार्थियों के बीच मिष्ठान वितरण के साथ हुआ।

उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में इलाहाबाद कैथोलिक धर्मप्रांत के बिशप लुईस मस्क्रेनहस को भी शामिल होना था, लेकिन अपरिहार्य यात्रा के कारण वे समारोह में उपस्थित नहीं हो सके। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम से पूर्व उनसे भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया था।

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