19 जुलाई का दिन देश के जनजाति /जनजाति वर्ग के लिए बेहद खास एवं महत्वपूर्ण है
19 जुलाई का दिन देश के जनजाति /जनजाति वर्ग के लिए बेहद खास एवं महत्वपूर्ण है। आज ही के दिन सन 1969 में श्रीमती इंदिरा गांधी पूर्व प्रधानमंत्री ने देश के औद्योगिक ग्रहण के 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण करके एक साहसिक एवं महान जन कल्याणकारी कार्य किया था जिसके लिए जितनी प्रशंसा देश की पूर्व प्रधानमंत्री की जाए कम है इतिहास ऐसे महान कार्य हमेशा याद रखता है।
सन 1980 में भी भारत की पूर्व प्रधानमंत्री ने अन्य 7 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था और इन सभी बैंकों को आम जनता के लिए खोल दिया था ताकि जनकल्याण कार्य तेज गति से किया जा सके।श्रीमती इंदिरा गांधी की सरकार के द्वारा इस कार्य के माध्यम से जहां देश की जनता के लिए बैंकों से दी जाने सुविधा आसान हो गई थी वहीं पर देश के अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के लिए बैंकों में नौकरियों के दरवाजे खुले और आरक्षण के कारण बैंकों में लाखों अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग की युवाओं को नौकरी मिली जो आज अपना शानदार जीवन जी रहे हैं और अपने बच्चों को भी तरक्के के रास्ते पर लेकर आ गए हैं। यहां यह भी उल्लेख करना जरूरी है की वर्तमान सरकार के समय इसके उलट काम किया जा रहा है आज बैंकों का निजीकरण के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं। सन 2017 में केंद्रीय सरकार ने 10 बैंकों का विलय किया था और उसके बाद सन 2019 में भी अधिकांश बैंकों का विलय कर कल 12 बड़े बैंक को का गठन किया था । समानता यह सुधार प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है लेकिन इससे नौकरियों की कटौती साफ दिखाई देती है। नौकरियां बैंकों में कम होगी तो उनसे अनुजाति/ जनजाति वर्ग को बहुत बड़ी नौकरियों से वंचित रहना पड़ेगा।
वीरेन्द्र कुमार जाटव, *राजनीतिक विश्लेषक एवं राष्ट्रीय सचेतक समता सैनिक दल*



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