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औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अंतर्गत चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अंतर्गत चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

सहारा सन्देश टाइम्स

प्रयागराज । औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग प्रयागराज में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अंतर्गत चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में औद्यानिक गतिविधियों से जुड़े हुए विशेषज्ञों द्वारा नर्सरी प्रबंधन तथा फसलों के उत्पादन, रोग, बीमारी, नए बागों का रोपण, किचन गार्डन, संरक्षित खेती आदि विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ शैलेंद्र सिंह वैज्ञानिक उद्यान प्रसार निदेशालय नैनी प्रयागराज द्वारा पौधों के रखरखाव के साथ-साथ नवंबर माह में बागों को पोषण प्रबंधन विषय पर जानकारी देते हुए बताया गया कि शरद ऋतु में पौधों का विकास कम होता है इसलिए आवश्यक है कि वर्तमान समय अक्टूबर और नवंबर में ही पौधों को अच्छा पोषण दिया जाए, जिससे कि उनकी वृद्धि अच्छी हो। इसके अलावा डॉ अनुराग तायडे कीट विशेषज्ञ द्वारा नर्सरी तथा गमले में तैयार होने वाले पौधों में लगने वाले कीटों की पहचान करते हुए बताया गया कि वर्तमान समय में मिली बाग का प्रकोप आम, अमरूद, कटहल, गुड़हल के अलावा मौसमी पौधे जो गमले में लगाए जाते हैं उनमें बहुत अधिक मात्रा में मिली बाग का प्रकोप होता है प्रारंभिक अवस्था में सफेद रूई के समान पौधे की टहनियों पर की चिपके हुए दिखाई देते हैं परंतु धीरे-धीरे उसे ताने का रस चूस कर पौधे को नष्ट कर देते हैं मिली बग व गुजिया कीट के नियंत्रण के लिए आवश्यक है कि पौधे के नीचे मिट्टी की गुड़ाई करके साफ सफाई रखें तथा कीट के अंडे एवं सुंडी आदि वहां पर नष्ट कर दें पौधों पर मिली बाग के प्रकोप होने पर कीटनाशक के रूप में क्लोरोपीरीफोस नामक दवा का दो प्रतिशत घोल का छिड़काव किया जा सकता है इसके अलावा आम या अन्य पौधे जिन पर मिली बाग का प्रकोप होता है उन पर 24 गेज की सफेद पालीथीन को लेकर 35 सेंटीमीटर चौड़ी पट्टी को तने पर लपेटकर सुतली या प्लास्टिक की डोरी से बांध दें तथा उसके निचले सिरे पर ग्रीस लगाकर सील पैक कर दें ऐसा करने से मिला बैग किट पौधे के ताने पर नहीं चढ़ पाते और ग्रीस पर फंसकर नष्ट हो जाते हैं तथा चिकनी परत पॉलिथीन की होने के कारण तने पर उनका प्रकोप नहीं होता है आम के पौधे पर ऐसा करने से मिली बग किट का आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है कार्यक्रम में सत्यम सिंह एवं विवेक श्रीवास्तव द्वारा पौधों के कैनोपी प्रबंधन तथा उनकी काट छांट की तकनीकी जानकारी दी गई इसके अलावा प्रशिक्षण प्रभारी वी के सिंह द्वारा नर्सरी में प्रो ट्रे के माध्यम से मौसमी पौधों को तैयार करने तथा गमले में पाट मिश्रण तैयार करने की विधि बताते हुए कहा कि सब्जियों का उत्पादन गमले में आसानी से किया जा सकता है कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों की परीक्षा का आयोजन किया गया आयोजित प्रतियोगिता में रायबरेली की मोहिनी पटेल प्रतापगढ़ की अंकित, प्रज्ञा एवं सजल मिश्रा द्वारा सर्वोत्तम अंक प्राप्त किए गए उद्यान विभाग की ओर से पुरस्कृत किया गया इसके अलावा सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र के साथ पौध सुरक्षा हेतु किट भी उपलब्ध कराए गए

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