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गोरखपुर बनेगा पूर्वांचल का नया इंडस्ट्रियल हब: गीडा से आईटी पार्क तक, जानिए कैसे बदल रही योगी सरकार में शहर की तस्वीर

गोरखपुर बनेगा पूर्वांचल का नया इंडस्ट्रियल हब: गीडा से आईटी पार्क तक, जानिए कैसे बदल रही योगी सरकार में शहर की तस्वीर

सहारा सन्देश टाइम्स

​गोरखपुर सिर्फ पूर्वांचल का सांस्कृतिक केंद्र ही नहीं, बल्कि अब उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक और शैक्षणिक कॉरिडोर के रूप में तेजी से उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल गोरखपुर में आज पारंपरिक कृषि-आधारित उद्योगों से लेकर हाइटेक आईटी सेक्टर तक का बड़ा नेटवर्क तैयार हो चुका है।
​गोरखपुर की इस औद्योगिक क्रांति के प्रमुख स्तंभ:
​भारी उद्योग एवं मैन्युफैक्चरिंग: फर्टिलाइजर कारखाने (एचयूआरएल) के पुनरुद्धार के साथ-साथ शहर में नए स्टील प्लांट्स और सीमेंट फैक्ट्रियों की स्थापना से पूर्वांचल को विनिर्माण (Manufacturing) का नया केंद्र बनाया जा रहा है।
​कृषि-प्रसंस्करण और इथेनॉल: बंद पड़ी चीनी मिलों के स्थान पर आधुनिक चीनी मिलें, डिस्टिलरी, विशाल डेयरी प्रोजेक्ट्स और इथेनॉल प्लांट्स की शुरुआत से क्षेत्र के किसानों की आय में सीधा इजाफा हुआ है।
​आईटी और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी: ‘सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया’ (STPI) के सक्रिय होने से स्थानीय युवाओं के लिए सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर में रोजगार के द्वार खुल चुके हैं, जिससे अब प्रतिभाओं का पलायन थम रहा है।
​स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र: महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और चिकित्सीय गतिविधियां शुरू होने से गोरखपुर मेडिकल टूरिज्म और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का केंद्र बन रहा है।
​गीडा (GIDA) क्षेत्र में बढ़ते निवेश, विश्वस्तरीय सड़कों के नेटवर्क और बेहतर कानून-व्यवस्था ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है। आने वाले समय में गोरखपुर का यह औद्योगिक मॉडल पूर्वांचल के संपूर्ण आर्थिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है।

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