तेल कंपनियों का ई केवाईसी और ओटीपी के लिए ग्राहकों पर दबाव बनाना गलत
तेल कंपनियों का ई केवाईसी और ओटीपी के लिए ग्राहकों पर दबाव बनाना गलत
सहारा सन्देश टाइम्स
प्रयागराज। तेल मार्केटिंग कंपनियां अपने एलपीजी वितरकों के माध्यम से गैर कानूनी तरीके से उपभोक्ताओं को ई केवाईसी करने के लिए दबाव बना रही है यह संविधान के अनुच्छेद 21 में उल्लेखित निजता के आधार का हनन है भारत सरकार की तरफ से इस मामले में कोई परिपत्र जारी नहीं किया गया है यह बात लड़ाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी एस शर्मा ने एक बयान में कही है। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों के मनमाने तरीके से उपभोक्ताओं से ओटीपी ले रही है जो द्रविकृत पेट्रोलियम गैस आदेश 2000 के प्रावधानों के विरुद्ध है। इसी प्रकार सुरक्षा ट्यूब व चूल्हा ,लाइटर, ट्राली आदी की बिक्री का दबाव बनाना कानून उल्लंघन है उन्होंने कहा कि कंपनियों के विक्रय अधिकारी एलपीजी वितरकों को उनकी भंडारण क्षमता से अधिक सिलेंडर की सप्लाई कर रही है जिसमें 19 केजी , एफटीएल 5 केजी की सिलेंडर बिना माग के डीलरो को दे रही है जो कि विस्फोटक अधिनियम का खुला उल्लंघन है उन्होंने मुख्य विस्फोटक नियंत्रण व भारत सरकार से कार्रवाई करने की मांग की है।



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