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पत्नी और तीन बेटियों को संपत्ति से बेदखल करने का फौजी ने दिया सार्वजनिक इस्तिहार, पारिवारिक विवाद ने खींचा ध्यान

पत्नी और तीन बेटियों को संपत्ति से बेदखल करने का फौजी ने दिया सार्वजनिक इस्तिहार, पारिवारिक विवाद ने खींचा ध्यान

सहारा सन्देश टाइम्स

भागलपुर, बिहार। देश की सेवा में तैनात एक फौजी द्वारा अपनी पत्नी और तीन बेटियों को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल किए जाने संबंधी सार्वजनिक इस्तिहार सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित इस्तिहार में फौजी विनोद कुमार गोस्वामी ने पारिवारिक विवाद और पिछले कई वर्षों से चल रहे कथित मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़न का उल्लेख किया है।
इस्तिहार में विनोद कुमार गोस्वामी की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनकी पत्नी और बेटियों द्वारा उन्हें करीब चार वर्षों से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है तथा आर्थिक एवं शारीरिक यातनाएं भी दी गईं। उन्होंने कहा है कि उन्होंने लगभग 20 वर्षों तक अपने परिवार को अपने साथ कैंप में रखकर बेटियों की पढ़ाई-लिखाई और बेहतर शिक्षा की व्यवस्था की, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें पारिवारिक विवाद के चलते कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
विनोद कुमार गोस्वामी के अनुसार, उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ अपने बुजुर्ग माता-पिता की भी चिंता की। इस्तिहार में उन्होंने विशेष रूप से अपनी बुजुर्ग और बीमार मां का जिक्र करते हुए भावनात्मक पीड़ा व्यक्त की है। उनका कहना है कि एक ओर देश की सेवा का दायित्व है तो दूसरी ओर परिवार के भीतर पैदा हुए विवाद के कारण उन्हें अपने माता-पिता को लेकर भी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
इसी पारिवारिक विवाद के बीच अब विनोद कुमार गोस्वामी ने सार्वजनिक इस्तिहार जारी कर अपनी पत्नी और तीनों बेटियों को अपनी चल एवं अचल संपत्ति से बेदखल करने की घोषणा की है। इस्तिहार के माध्यम से उन्होंने यह भी स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि भविष्य में उक्त लोगों का उनकी संपत्ति पर कोई अधिकार या लेन-देन संबंधी दावा न माना जाए।
रिश्तों और संपत्ति के बीच खड़ा हुआ सवाल
फौजी के इस कदम ने परिवार और रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक पिता और पति अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए वर्षों तक मेहनत करता है और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की जिम्मेदारी निभाता है, लेकिन जब पारिवारिक संबंधों में विवाद गहरा जाए तो वही रिश्ता संपत्ति और कानूनी विवाद तक पहुंच जाता है।
हालांकि, इस पूरे मामले में पत्नी और तीनों बेटियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इसलिए इस्तिहार में लगाए गए आरोपों को विनोद कुमार गोस्वामी का पक्ष और आरोप माना जाना चाहिए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अथवा किसी न्यायालय के अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
फौजी द्वारा सार्वजनिक रूप से पत्नी और बेटियों को संपत्ति से बेदखल करने की घोषणा किए जाने से यह मामला अब पारिवारिक विवाद से आगे बढ़कर सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। मामला यह सोचने पर मजबूर करता है कि जब परिवार के बीच आपसी विश्वास और संवाद खत्म होने लगता है तो रिश्तों की जगह कानूनी लड़ाई और संपत्ति का विवाद किस तरह ले लेता है।

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