दिग्विजय बोले-चंदा चोरों को जेल भेजो… बैलेट पेपर से चुनाव कराओ
दिग्विजय बोले-चंदा चोरों को जेल भेजो… बैलेट पेपर से चुनाव कराओ
हर्षा रिछारिया के तंज पर कहा- उन्हें छोड़ दीजिए, मैं जानता भी नहीं
सहारा सन्देश टाइम्स
उज्जैन। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का बुधवार को दूसरा दिन है। सुबह करीब 10 बजे तराना रोड स्थित श्री साईं कुंज कॉलोनी से शुरू हुई यात्रा में दिग्विजय समर्थकों के साथ पैदल चल रहे हैं।
950 किलोमीटर की यात्रा कर रहे
करीब 950 किलोमीटर लंबी यह यात्रा लगभग 70 दिन में अयोध्या स्थित राम मंदिर पहुंचेगी। दूसरे दिन यात्रा पिंगलेश्वर जोड़, नहारिया जोड़, सायराखेड़ी और देवनखेड़ी होते हुए ताजपुर जोड़ पहुंचने के कार्यक्रम के अनुसार थी। यहां भोजन और विश्राम के बाद यात्रा आगे बढ़नी थी। शाम को देवास जिले के सिंदूरिया गांव में पड़ाव प्रस्तावित था।
बोले- शिव धाम से राम धाम तक की यात्रा
चर्चा में दिग्विजय सिंह ने यात्रा को शिव धाम से राम धाम तक की यात्रा बताया। उन्होंने समर्थकों के साथ बम-बम भोले का उद्घोष किया, जिस पर समर्थकों ने जय सियाराम कहा। दिग्विजय ने कहा कि सनातनी परंपरा कभी सीता जी का अपमान नहीं करती।
यात्रा पर मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर बनने के समय वैसा उत्साह नहीं दिखा, जैसा अब मंदिर के चंदे पर सवाल उठाने में दिखाई दे रहा है।
इस पर प्रतिक्रिया पूछने पर दिग्विजय सिंह ने कहा-उनको छोड़ दीजिए। मैं जानता भी नहीं उनको।
अमृता बोलीं- सनातनियों के स्वाभिमान को ठेस पहुंची
दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय ने इसे हर धर्म के व्यक्ति के स्वाभिमान को जगाने वाली यात्रा बताया। अमृता राय के मुताबिक, चढ़ावा चोरी, धर्म के नाम पर धोखेबाजी से सनातन धर्म मानने वालों के स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। यात्रा के जरिए इसी मुद्दे को उठाया जा रहा है।
स्थायी रूप से साथ चलने के लिए 3 हजार रजिस्ट्रेशन
यात्रा प्रभारी चंदर सिंह सोंधिया ने बताया कि यात्रा में स्थायी रूप से साथ चलने के लिए अब तक करीब 3 हजार लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इसके अलावा हजारों लोग अलग-अलग स्थानों पर यात्रा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से सनातन की सही व्याख्या और भगवान के प्रति समर्पण का संदेश दिया जा रहा है।
चढ़ावा चोरी पर बोले- सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई
दिग्विजय सिंह ने यात्रा की शुरुआत में कहा था कि सनातन धर्म के नाम पर चुनाव लड़ने और चंदा जुटाने में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ लोगों तक अपनी बात पहुंचाना इसका उद्देश्य है। उन्होंने राम जन्मभूमि के लिए जुटाए गए चंदे में चोरी का आरोप लगाते हुए कहा था कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई, लेकिन बड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं हुई।
उन्होंने वोट चोरी और नोट चोरी के मुद्दे भी उठाए हैं। यात्रा के दौरान पर्चे बांटने और राष्ट्रपति के नाम रिपोर्ट पेश करने की बात कही गई है।
दिग्विजय सिंह का कहना है कि इसका उद्देश्य किसी के खिलाफ राजनीतिक इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि लोगों के सामने अपनी बात रखना और न्याय की मांग करना है।
दिग्विजय सिंह ने यह भी बताया कि वे अपनी अनुपस्थिति में यात्रा से जुड़े संवाद की जिम्मेदारी पत्नी अमृता राय को सौंप रहे हैं। उन्होंने अमृता राय को अपना प्रवक्ता और उनकी अनुपस्थिति में योगेंद्र परिहार
को सह-प्रवक्ता बताया।



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