हर साल लाखों लोग गंवाते हैं जान, थोड़ी सी सावधानी बचा सकती है अनमोल जीवन; सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी, डॉ आर के कुशवाहा
सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, जीवन बचाने का संकल्प है, डॉ आर के कुशवाहा
हर साल लाखों लोग गंवाते हैं जान, थोड़ी सी सावधानी बचा सकती है अनमोल जीवन; सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी, डॉ आर के कुशवाहा
सहारा सन्देश टाइम्स
प्रयागराज। सड़क पर बरती गई जरा सी लापरवाही किसी की जिंदगी छीन सकती है और कई परिवारों को जीवनभर का दर्द दे सकती है। सड़क दुर्घटनाएं आज केवल यातायात से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक एवं जनस्वास्थ्य चुनौती बन चुकी हैं। सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर जरूरी है कि हर नागरिक यातायात नियमों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे और सुरक्षित सड़क व्यवहार को अपनी आदत बनाए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनियाभर में प्रतिवर्ष लगभग 11.6 लाख लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है, जबकि 2 से 5 करोड़ लोग घायल होते हैं। भारत में भी सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
आंकड़े बयां कर रहे सड़क हादसों की भयावह तस्वीर
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में कुल 4,80,583 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 1,72,890 लोगों की मौत हुई, जबकि 4,62,825 लोग घायल हुए।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2024 के दौरान 46,052 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 24,118 लोगों की जान चली गई और 34,665 लोग घायल हुए। वहीं, प्रयागराज में इसी अवधि में 1,246 सड़क हादसे दर्ज किए गए। इन दुर्घटनाओं में 547 लोगों की मौत हुई और 832 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
ये आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही की कीमत लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
तेज रफ्तार और लापरवाही बन रही हादसों की वजह
सड़क दुर्घटनाओं के पीछे तेज गति से वाहन चलाना, गलत दिशा में ड्राइविंग, शराब पीकर वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनदेखी प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा ओवरलोडिंग, गलत तरीके से ओवरटेक करना, यातायात संकेतों का उल्लंघन तथा नींद और थकान की स्थिति में वाहन चलाना भी हादसों को न्योता देता है।
कई बार सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन जाती है।
इन सावधानियों से टल सकते हैं सड़क हादसे
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रत्येक वाहन चालक को कुछ जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए।
1. दोपहिया वाहन चलाते समय अच्छी गुणवत्ता वाला ISI प्रमाणित हेलमेट पहनें। पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट अनिवार्य रूप से लगाएं।
2. चारपहिया वाहन में आगे और पीछे, दोनों सीटों पर सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें।
3. निर्धारित गति सीमा का पालन करें और जल्दबाजी में ओवरटेक करने से बचें।
4. वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
5. शराब या किसी नशीले पदार्थ के सेवन के बाद वाहन न चलाएं।
6. ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग और सड़क संकेतों का पालन करें।
7. नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने न दें और सड़क पर पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
8. सामने चल रहे वाहनों की गति और दिशा पर लगातार नजर रखें। उनके इंडिकेटर और अचानक होने वाली गतिविधियों पर ध्यान दें। हर चालक का ड्राइविंग कौशल एक जैसा नहीं होता, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
9. सड़क पर विवाद या रोडरेज से बचें। दूसरे वाहन चालक की मानसिक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल है। गुस्से में लिया गया फैसला दोनों पक्षों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
दुर्घटना के बाद शुरुआती मदद बचा सकती है जान
सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में घबराने के बजाय समझदारी और सावधानी से घायल व्यक्ति की मदद करनी चाहिए।
– सबसे पहले घटनास्थल को सुरक्षित करें और एम्बुलेंस के लिए 108 या आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर फोन करें।
– घायल व्यक्ति की सांस और होश की स्थिति जांचें।
– अधिक रक्तस्राव होने पर साफ कपड़े या गॉज से घाव पर लगातार दबाव डालें।
– गर्दन या रीढ़ की हड्डी में चोट की आशंका होने पर घायल को अनावश्यक रूप से न हिलाएं।
– बिना चिकित्सकीय सलाह या प्रशिक्षण के घायल को पानी, भोजन या दवा न दें।
– सांस सामान्य रूप से नहीं चल रही हो तो प्रशिक्षित व्यक्ति CPR शुरू करे और आपातकालीन सहायता के निर्देशों का पालन करे।
– गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराएं। हेलमेट को अनावश्यक रूप से न उतारें।
सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सभी की
सड़क सुरक्षा केवल पुलिस, यातायात विभाग या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। नियमों का पालन करना केवल चालान से बचने का तरीका नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी सुरक्षित रखने का संकल्प है।
याद रखें, घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है। कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी में अपनी और दूसरों की जिंदगी दांव पर न लगाएं। सड़क पर धैर्य, अनुशासन और सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
सुरक्षित चलें, सावधान रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करें। आपकी छोटी सी सावधानी किसी परिवार को उजड़ने से बचा सकती है।



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