684 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण हेतु 48 मास्टर ट्रेनर तैयार होंगे
684 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण हेतु 48 मास्टर ट्रेनर तैयार होंगे
सहारा सन्देश टाइम्स
प्रयागराज। समेकित शिक्षा के अंतर्गत को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से जनपद प्रयागराज में तीन दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन राज्य शिक्षा संस्थान प्रयागराज में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 अगस्त 2026 से 19 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि राजेंद्र प्रताप, राज्य शिक्षा संस्थान, प्रयागराज तथा अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रयागराज उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रयागराज के निर्देशन में श्री विकास पांडे, जिला समन्वयक, समेकित शिक्षा द्वारा किया जा रहा है।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान कुल 48 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। ये मास्टर ट्रेनर जनपद के विभिन्न विकासखंडों में कार्यरत 684 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिव्यांग बच्चों की आवश्यकताओं, समावेशी शिक्षा तथा उनके समुचित सहयोग के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं व्यवहारिक दक्षता प्रदान करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. पूनम सिंह, शिक्षा शास्त्र; डॉ. नीतू सिंह, प्रवक्ता, राज्य शिक्षा संस्थान, प्रयागराज; अमरेंद्र सिंह, प्रवक्ता, शिक्षा शास्त्र, राज्य प्रशिक्षण महिला महाविद्यालय, प्रयागराज तथा रेनू सिंह, मनोविज्ञान, रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त राज्य स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त सुदर्शन एवं वीरेंद्र पाल द्वारा मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से मास्टर ट्रेनरों को विषय-वस्तु की समझ के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रभावी ढंग से प्रशिक्षित करने की तकनीकों से भी अवगत कराया जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने प्रशिक्षण को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने पर जोर देते हुए कहा कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर विकासखंड स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तक प्रशिक्षण की जानकारी एवं व्यवहारिक कौशल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में दिव्यांग एवं अन्य बच्चों के लिए अधिक समावेशी और सहयोगात्मक वातावरण तैयार करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों एवं प्रशिक्षण टीम द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।



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