उज्जैन में 32वीं बटालियन के आरक्षक से साइबर फ्रॉड,ठग ने पुराने नोटों की फोटो वाट्सएप पर मंगाई; 45 लाख कीमत बताकर 42 हजार रुपए ठगे
उज्जैन में 32वीं बटालियन के आरक्षक से साइबर फ्रॉड,ठग ने पुराने नोटों की फोटो वाट्सएप पर मंगाई; 45 लाख कीमत बताकर 42 हजार रुपए ठगे
सहारा सन्देश टाइम्स
उज्जैन। उज्जैन में साइबर ठगों ने पुलिस विभाग में पदस्थ 46 वर्षीय आरक्षक धरमसिंह यादव से 42 हजार रुपए ठग लिए। ठग ने पुराने नोट और सिक्कों की लाखों रुपए में कीमत मिलने का झांसा देकर उनसे नोटों की तस्वीरें वाट्सएप पर मंगवाईं। इसके बाद 45 लाख रुपए कीमत
बताकर अलग-अलग चार्ज के नाम पर QR कोड से भुगतान कराया। ठगी का अहसास होने पर आरक्षक ने 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
26 सितंबर को आया था कॉल
मामला माधव नगर थाना क्षेत्र का है। राज्य साइबर सेल भोपाल से 1930 पर प्राप्त ई-जीरो एफआईआर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस लाइन उज्जैन निवासी धरमसिंह यादव 32 बटालियन में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं।
आरक्षक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 26 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने कहा कि अगर उनके पास पुराने नोट या सिक्के हैं तो उनकी तस्वीर वाट्सएप पर भेजें। इसके बदले अच्छी कीमत दिलाने का झांसा दिया गया।
तीन पुराने नोटों की फोटो भेजी
आरक्षक ने अपने पास रखे पांच रुपए के एक और दो-दो रुपए के दो पुराने नोटों की तस्वीरें भेज दीं। इसके बाद ठग ने इन नोटों की कीमत 45 लाख रुपए बताई।
रकम दिलाने के नाम पर ठग ने अलग-अलग तरह के चार्ज बताए। इसके बाद QR कोड भेजकर भुगतान कराया गया। इस तरह आरक्षक से कुल 42 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए।
1930 पर की शिकायत, जांच शुरू
ठगी का अहसास होने के बाद आरक्षक ने तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। माधव नगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने बताया कि शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी से बचाव के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।

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