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महाकाल मंदिर में ई-कार्ट सेवा पर सवाल…आम श्रद्वालु कर रहे पैदल सफर

महाकाल मंदिर में ई-कार्ट सेवा पर सवाल…आम श्रद्वालु कर रहे पैदल सफर

-40 से अधिक ई-कार्ट के बावजूद बुजुर्गों और दिव्यांगों को परेशानी, वीआईपी ड्यूटी के चलते सुविधा नहीं मिलने की श्रद्धालुओं की शिकायत

सहारा सन्देश टाइम्स

उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुरू की गई ई-कार्ट सेवा के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि बुजुर्ग, दिव्यांग, महिलाएं और छोटे बच्चों के साथ आए परिवारों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। श्रद्धालुओं के अनुसार, कुछ ई-कार्ट वीआईपी मेहमानों की आवाजाही में लगी रहती हैं, जिससे आम दर्शनार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

उल्लेखनीय है कि महाकाल मंदिर समिति ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत आम श्रद्धालुओं के वाहनों की एंट्री करीब एक किलोमीटर पहले ही रोक रखी है। नीलकंठ द्वार, त्रिवेणी संग्रहालय और हरसिद्धि चौराहे से आगे दर्शनार्थियों को पैदल जाना पड़ता है। इन्हीं लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न सामाजिक और कॉर्पोरेट संस्थाओं ने मंदिर समिति को 40 से अधिक ई-कार्ट उपलब्ध कराई थीं, ताकि बुजुर्ग, दिव्यांग और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को मानसरोवर और शंख द्वार तक आसानी से पहुंचाया जा सके। हालांकि, कुछ श्रद्धालुओं ने शिकायत की है कि उन्हें जरूरत के समय ई-कार्ट की सुविधा नहीं मिल पाती। उनका कहना है कि कई बार ई-कार्ट वीआईपी ड्यूटी पर होने की बात कहकर उन्हें बैठाने से मना कर दिया जाता है। कुछ श्रद्धालुओं ने ई-कार्ट चालकों और सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि बैठाने का अनुरोध करने या इस संबंध में सवाल पूछने पर कभी-कभी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। हालांकि, इन शिकायतों के संबंध में मंदिर समिति का पक्ष सामने आना बाकी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि ई-कार्ट सेवा आम दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए शुरू की गई है तो इसके संचालन में बुजुर्गों, दिव्यांगों और चलने में असमर्थ लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि वीआईपी ड्यूटी और आम श्रद्धालुओं की जरूरतों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर इस सुविधा का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। श्रद्धालुओं ने मंदिर समिति से ई-कार्ट के संचालन की व्यवस्था स्पष्ट करने, जरूरतमंदों को प्राथमिकता देने और शिकायतों के समाधान के लिए उचित व्यवस्था बनाने की मांग की है।

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