महाकाल मंदिर में एक सप्ताह पुराने लड्डू के पैकेट बिकने का आरोप
महाकाल मंदिर में एक सप्ताह पुराने लड्डू के पैकेट बिकने का आरोप
9 अक्टूबर की मैन्युफैक्चरिंग, 14 अक्टूबर को बिक्री; आधा किलो और 200 ग्राम के पैकेट काउंटरों पर उपलब्ध
सहारा सन्देश टाइम्स
उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर के लड्डू प्रसाद काउंटरों पर एक सप्ताह पुराने लड्डू के पैकेट बेचे जाने का मामला सामने आया है। पैकेट पर 9 अक्टूबर की मैन्युफैक्चरिंग तारीख अंकित होने के बावजूद 14 अक्टूबर को इनकी बिक्री किए जाने की बात सामने आई है। मंदिर के काउंटरों से आधा किलो और 200 ग्राम के पैकेट बेचे जा रहे हैं। नियमानुसार एक दिन पहले का स्टॉक बेचने की व्यवस्था होने के बावजूद पुराने पैकेटों की बिक्री पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इनमें से कई श्रद्धालु भगवान महाकाल को अर्पित करने और घर ले जाने के लिए लड्डू प्रसाद खरीदते हैं। ऐसे में प्रसाद की गुणवत्ता और उसकी ताजगी बनाए रखना मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी है। पैकेट पर दर्ज निर्माण तिथि और बिक्री की तारीख के बीच पांच दिन का अंतर होने से स्टॉक प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल
लड्डू प्रसाद की बिक्री और स्टॉक व्यवस्था की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सहायक प्रशासक सिम्मी यादव का इस मामले की ओर ध्यान नहीं होने की बात सामने आई है। यदि पुराने पैकेट निर्धारित व्यवस्था के विपरीत बेचे जा रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय करने के साथ स्टॉक की जांच भी जरूरी है।
मंदिर प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि काउंटरों पर उपलब्ध लड्डू प्रसाद की निर्माण तिथि, भंडारण और बिक्री की नियमित जांच हो। श्रद्धालुओं को ताजा और गुणवत्तापूर्ण प्रसाद मिले, इसके लिए निर्धारित व्यवस्था का पालन कराया जाना आवश्यक है।
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पुराना होने पर घी छोड़ देता है
महाकालेश्वर मंदिर का लड्डू स्टॉक मंदिर के अंदर ही रखा जाता है। यहां पर कूलिंग की व्यवस्था नहीं होने से ज्यादा पुराने होने पर लड्डू घी छोड़ देता है जिसके चलते पूरा प्रसाद खराब हो जाता है। वैसे भी इन दिनों गर्मी का मौसम चल रहा है और तेज धूप के कारण हाल-बेहाल हो रहे हैं। काउंटर पर भी कूलिंग व्यवस्था नहीं होने के कारण ज्यादा दिन तक लड्डू प्रसाद नहीं रखे जा सकते।



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