राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश
लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी
सहारा सन्देश टाइम्स
प्रयागराज। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्यक्रमों की प्रभावी क्रियान्वयन एवं शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
*राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा*
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान एसएमओ, डब्ल्यूएचओ की मॉनिटरिंग रिपोर्ट में कोरांव, हंडिया,कौड़िहार ,करछना, कौधियारा एवं मेजा सहित विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे बच्चों के चिन्हित होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, जिन्हें अभी तक एक भी टीका नहीं लगा था। उन्होंने इसे संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों की गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में पुनः इस प्रकार के अटीकाकृत बच्चे पाए जाने पर संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने रूटीन इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ब्लॉक रिव्यू मीटिंग (BWR) में चिकित्सा अधीक्षक , बीपीएम, बीसीपीएम, एआरओ, एमसीटीएस ऑपरेटर एवं कोल्ड चेन हैंडलर की अनिवार्य एवं सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने रिक्त सब-सेंटरों पर समीपवर्ती सब-सेंटर की एएनएम के माध्यम से नियमित टीकाकरण कराने तथा हाई प्रायोरिटी सब-सेंटरों पर विशेष टीकाकरण कैम्प आयोजित कर शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा।
माइक्रो प्लान उपलब्ध न कराने पर सम्बंधित चिकित्सा अधीक्षकों तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए दो दिवस के भीतर माइक्रो प्लान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निर्धारित अवधि में माइक्रो प्लान उपलब्ध न कराने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
*डिप्थीरिया केसेस के कारण प्रयागराज सिटी एवं उरुआ ब्लॉक में दो बच्चों की मृत्यु की जांच के निर्देश*
जनपद में डिप्थीरिया से दो बच्चों की मृत्यु के प्रकरण पर जिलाधिकारी ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को विशेष टीम गठित कर प्रकरण की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में यह स्पष्ट रूप से देखा जाएगा कि संबंधित बच्चों का टीकाकरण हुआ था अथवा नहीं, यदि टीकाकरण नहीं हुआ था तो उसके कारण क्या रहे तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक्शन टेकन रिपोर्ट तैयार की जाए।
*HBMC कार्यक्रम में शून्य विजिट पर नाराजगी*
HBNC कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान निर्धारित 08 विजिट के सापेक्ष शंकरगढ़, सैदाबाद, कौंधियारा, जसरा एवं हंडिया के स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों द्वारा शून्य विजिट किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए तथा कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
*जन औषधि केंद्रों को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने के निर्देश*
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थापित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों के निष्क्रिय पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थापित जन औषधि केंद्रों को पूर्ण रूप से क्रियाशील कराया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर EDL के अनुसार कोई दवा उपलब्ध नहीं है, तो उपलब्धता के अनुसार संबंधित दवा जन औषधि केंद्र से ही मरीजों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी दशा में बाहर से दवा लिखे जाने की प्रवृत्ति पर कड़ाई से रोक लगाई जाए।
*राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा*
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के अपेक्षित स्तर पर क्रियान्वयन न होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि RBSK टीमों द्वारा निर्धारित फील्ड विजिट न किए जाने तथा फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के संबंध में फीडबैक प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने RBSK कार्यक्रम की सघन एवं नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
RBSK टीमों के वाहन उपलब्ध न होने की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संबंधित फर्म को पूर्व बैठक में ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। अतः जहां वाहन उपलब्ध नहीं हैं, वहां संबंधित चिकित्सा अधीक्षक, नियमानुसार एवं RBSK कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वैकल्पिक अस्थायी वाहन व्यवस्था कर टीमों को फील्ड विजिट हेतु वाहन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने आगामी बैठक में RBSK के अंतर्गत ब्लॉकवार 4-D से संबंधित बीमारियों से चिन्हित बच्चों की संख्या, उनके रेफरल की स्थिति, उपचार की स्थिति तथा उपचार हेतु लंबित बच्चों की संख्या का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक चिन्हित बच्चे के संबंध में रेफरल से लेकर उपचार तक की स्थिति का स्पष्ट प्रस्तुतीकरण DHS की बैठक में करने को कहा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला स्तरीय चिकित्सालयों के SIC /CMS,चिकित्सा अधीक्षक/एमओआईसी तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं सहयोगी विभागों एवं संस्थाओं के अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



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