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देशभर के हस्तशिल्प और लोक कलाओं से सजेगा एनसीजेडसीसी, आज से शुरू होगा दीपावली शिल्प मेला

देशभर के हस्तशिल्प और लोक कलाओं से सजेगा एनसीजेडसीसी, आज से शुरू होगा दीपावली शिल्प मेला

सहारा सन्देश टाइम्स

प्रयागराज। 16 राज्यों के शिल्पकार होंगे शामिल, करीब 527 कलाकार बिखेरेंगे लोक संस्कृति के रंग
प्रयागराज। दीपावली की रौनक, हस्तशिल्प की चमक और लोक संगीत की गूंज कुछ ऐसा ही नजारा गुरुवार से उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के शिल्प हाट में देखने को मिलेगा। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत आयोजित 14 दिवसीय ‘दीपावली शिल्प मेला-2026’ का शुभारंभ 22 अक्टूबर को शाम 5 बजे होगा। इस बार मेले में 16 राज्यों के शिल्पकार अपने पारंपरिक उत्पादों और हस्तकलाओं के साथ शामिल होंगे, जबकि करीब 527 कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से शहरवासियों को देश की समृद्ध लोक संस्कृति से रूबरू कराएंगे।
केंद्र परिसर स्थित शिल्प हाट में आयोजित यह मेला चार नवंबर तक चलेगा। प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात नौ बजे तक आमजन मेले का आनंद ले सकेंगे। मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि के.पी. सिंह आईजी (सेवानिवृत्त) प्रान्त अध्यक्ष, विश्व हिन्दू परिषद, प्रयागराज करेंगे।
16 राज्यों के शिल्प और व्यंजनों का संगम
मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिल्पकार अपनी विशिष्ट कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। पश्चिम बंगाल का जूट वर्क, जयपुर की लाख की चूड़ियां, राजस्थान की क्रिस्टल पेंटिंग, रामपुर का पैच एवं जरी वर्क, खुर्जा की सिरेमिक कप-प्लेट और तेलंगाना की पर्ल ज्वेलरी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। जम्मू-कश्मीर के ड्राई फ्रूट और स्थानीय हस्तशिल्प उत्पाद भी लोगों को लुभाएंगे। वहीं, लजीज व्यंजनों के स्टॉल पारंपरिक स्वाद का आनंद देंगे।
ढोल-वृंद से रामलीला तक, हर शाम दिखेगी लोक संस्कृति की छटा-
मेले में प्रतिदिन शाम पांच बजे से मुक्ताकाशी मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। करीब 450 कलाकार विभिन्न लोकनृत्यों, लोकगीतों, शास्त्रीय गायन, रामलीला गाथा और पारंपरिक वादन के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। उद्घाटन दिवस पर कौशांबी के संतोष कुमार एवं उनके साथी प्रयाग ढोल-वृंद वादन की प्रस्तुति देंगे। गौरी एवं यथार्थ चौबे मंत्रोच्चारण करेंगे। इसके बाद हर्षिता सुदर्शन का सुगम संगीत, डॉ. सुरेंद्र कुमार का शास्त्रीय गायन, मथुरा के गिरधर गोपाल शर्मा एवं दल का ब्रज लोकनृत्य और प्रियंका माधुरी का बिरहा गायन होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला में 30 अक्टूबर को संगीत नाटक अकादमी, चंडीगढ़ की ओर से ‘रामलीला गाथा’ की प्रस्तुति होगी। वहीं, 01 नवंबर को फिल्म ‘हनुमान अंश’ में अपनी गायकी से पहचान बनाने वाले प्रसिद्ध गायक सुनील लोधी अपनी प्रस्तुति देंगे तथा दिव्यांग बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।
बहरूपिया, दुलदुल घोड़ी और बीन वादन भी होगा खास
मेले में पारंपरिक लोक कलाकार भी आकर्षण का केंद्र बनेंगे। राजस्थान के अकरम खान बहरूपिया कला, मध्य प्रदेश के राजमणि तिवारी दुलदुल घोड़ी और हरियाणा के हरपाल नाथ बीन वादन के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
स्वदेशी उत्पादों को मिलेगा प्रोत्साहन
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक सुदेश शर्मा ने बताया कि दीपावली शिल्प मेले का उद्देश्य हस्तशिल्प, पारंपरिक कारीगरी और स्वदेशी उत्पादों को जनमानस से जोड़ना तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती देना है। यह आयोजन शिल्पकारों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री का अवसर देने के साथ ही देश की विविध लोक कलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देगा।
14 दिनों तक चलने वाला यह मेला खरीदारी के साथ संगीत, नृत्य, लोक परंपराओं और देश के विविध व्यंजनों का उत्सव बनेगा। दीपावली की तैयारियों के बीच शहरवासियों के लिए यह परिवार के साथ समय बिताने और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का खास अवसर होगा।

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