Loading Now

आर्ट ऑफ लिविंग नजीबाबाद द्वारा दीपावली मेला ‘आनंदोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन

आर्ट ऑफ लिविंग नजीबाबाद द्वारा दीपावली मेला ‘आनंदोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन

सुर एवं ताल प्रतियोगिता बनी मेले का मुख्य आकर्षण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और उल्लासमय वातावरण ने मोहा मन

 

सहारा सन्देश टाइम्स

नजीबाबाद / बिजनौर
परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी द्वारा स्थापित संस्था द आर्ट ऑफ लिविंग के नजीबाबाद केंद्र की ओर से आज रामलीला मैदान में दीपावली मेला ‘आनंदोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। परंपरा, संस्कृति, सद्भाव और आनंद से परिपूर्ण इस मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि महात्मा विदुर ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज, बिजनौर की प्राचार्य डॉ. चौधरी ललिता जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मेले की संयोजक मिथिलेश अग्रवाल ने माल्यार्पण कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। डॉ. सुधा चावला ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए मुख्य अतिथि का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। वहीं, प्रोफेसर शुभा माहेश्वरी ने सुर एवं ताल प्रतियोगिता के तीनों निर्णायकों डॉ दीपक त्रिपाठी, श्रीमती सोनाली एवं श्री सत्यम का परिचय देते हुए उनकी उपलब्धियों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया। मेले का मुख्य आकर्षण था सुर एवं ताल प्रतियोगिता जिसमें गायन और वादन में दो-दो वर्ग थे। चारों वर्गों में प्रथम व द्वितीय पुरस्कार रखे गए। गायन में 8 से 10 वर्ष की आयु के प्रथम ग्रुप में प्रथम पुरस्कार नैतिक को मिला। दूसरा पुरस्कार समायरा वशिष्ठ ने प्राप्त किया। दूसरा ग्रुप 11 से 13 वर्ष के बच्चों का था जिसमें प्रथम अनाया अग्रवाल और आकांक्षा द्वितीय रहे। वादन में 7 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों में प्रथम पुरस्कार तेजस राजपूत
तथा दूसरा पुरस्कार सूर्यांश सिंघल को दिया गया। वादन में 11 से 13 वर्ष की आयु के बच्चों की प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार सोनल वर्मा तथा द्वितीय पुरस्कार सार्थक को मिला ।
अन्य सभी प्रतिभागी बच्चों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इस प्रतियोगिता में से अधिक बच्चों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागी बच्चों के उत्साह, आत्मविश्वास और संगीत के प्रति समर्पण ने दर्शकों का मन मोह लिया। पुरस्कार वितरण मुख्य अतिथि डॉ चौधरी ललिता, श्री पवन अग्रवाल , श्रीमती शशि ग्रोवर तथा डॉ गर्ग द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के तीनों निर्णायकों ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उन्हें अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने, नियमित अभ्यास करने और अपने चुने हुए क्षेत्र में पारंगत बनने के लिए प्रेरित किया l मेले में विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों, आकर्षक खेलों और मनोरंजक गतिविधियों के स्टॉल लगाए गए। अतिथियों ने स्टॉलों का भ्रमण किया और आयोजन की सराहना की। पूरे परिसर में उत्साह, उमंग, आत्मीयता और आध्यात्मिकता का सुंदर वातावरण देखने को मिला।
डॉ. इंदु लाहोटी तथा समस्त आयोजन टीम ने नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से पधारे अतिथियों, नागरिकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रोफेसर शुभा माहेश्वरी के निर्देशन में डॉ. जसवंत सिंह एवं कुमारी रुमाना ने कार्यक्रम का अत्यंत कुशलतापूर्वक संचालन किया। डॉ. जसवंत सिंह की भावपूर्ण कविताओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और कार्यक्रम में साहित्यिक संवेदना एवं भावनात्मक गहराई का सुंदर समावेश किया।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों एवं प्रतिष्ठानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। श्रीमान अवनीश कुमार अग्रवाल (टांडे वाले) का विशेष सहयोग रहा। इसके अतिरिक्त कुमार ज्वैलर्स, साहू एनक्लेव, कृष्णा नर्सिंग होम, बैले मिनरल वाटर, सिद्धबली सरिया, ड्रीम सिटी, गंगा एंटरप्राइजेज तथा मिडवे फिलिंग प्वाइंट सहित अनेक प्रायोजकों ने सहयोग प्रदान किया।
आर्ट ऑफ लिविंग नजीबाबाद के समस्त सदस्यों ने सेवा, समर्पण और सामूहिक सहभागिता के साथ आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सहयोग देने वालों में श्री मोहन जुयाल, श्री शुभम शर्मा, डॉ. सुधा चावला, श्रीमती कुमकुम गर्ग, श्रीमती अरुणा अग्रवाल, श्रीमती रेखा मोदी, श्रीमती दीपा मोदी, श्रीमती अंजू मेहरा, श्रीमती हेमा अग्रवाल, श्री रमन चोपड़ा, श्रीमती अरुणा कौशिक, श्रीमती रेशू अग्रवाल, श्रीमती भावना अरोड़ा, श्रीमती अरुणा जुयाल, श्रीमती माला छावड़ा, श्रीमती सुरभि जैन एवं श्रीमती लवी अग्रवाल सहित अनेक सदस्य शामिल रहे।
मेले के समापन चरण में रात्रि 10 बजे के बाद तीन बंपर लकी ड्रॉ ने लोगों में जबरदस्त उत्साह भरा।
​प्रथम पुरस्कार (₹25,000 वाउचर): लकी नंबर 2231
​द्वितीय पुरस्कार (₹15,000 वाउचर): लकी नंबर 4307
​तृतीय पुरस्कार (₹10,000 वाउचर): लकी नंबर 3431
​विजेताओं को बधाई दी विजेताओं को क्रमशः ₹25,000, ₹15,000 एवं ₹10,000 के वाउचर प्रदान किए गए। लकी ड्रॉ को लेकर उपस्थित लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। नगर के अतिरिक्त कोटद्वार, बिजनौर और चंदक से आए आगंतुकों ने भी मेले का आनंद लिया। उन्होंने आयोजन की सादगी, सभ्यता, सुंदरता और भव्यता की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इसे एक अद्भुत एवं यादगार आयोजन बताया।T साथ ही, आयोजकों से प्रतिवर्ष इसी प्रकार मेले का आयोजन करने का आग्रह किया l

Previous post

एफडीए (FDA) की बड़ी कार्रवाई: मिलावटी और एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों के खिलाफ कड़ा रुख, कई फूड आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबित

Next post

शाम-ए-अख्तरी’ में फिर गूंज उठी बेगम अख्तर की रूह, पद्मश्री डॉ. सोमा घोष की गायकी ने किया मंत्रमुग्ध

Post Comment

मनोरंजन